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शेयर बाज़ार का विश्लेषण – 23 जून, 2026

Reported by Tanvi Pandey and edited by Tanvi Pandey

भारतीय शेयर बाज़ार मंगलवार के सेशन में सावधानी और सतर्कता के साथ शुरुआत कर रहे हैं। ग्लोबल संकेतों, IT सेक्टर की चुनौतियों और घरेलू कंपनियों के अहम फैसलों की वजह से उतार-चढ़ाव भरे हफ़्ते के बाद, दलाल स्ट्रीट अपने अगले कदम पर सोच-समझकर विचार कर रहा है। आज के बाज़ार के बारे में आपको जो कुछ भी जानना चाहिए, वह यहाँ है।


हमारी स्थिति: इंडेक्स का हालिया प्रदर्शन

पिछले हफ़्ते भारतीय बेंचमार्क के लिए मिला-जुला असर रहा। 19 जून को HDFC बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज़, TCS और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स 607 अंक (-0.78%) गिरकर 76,802.90 पर आ गया। हालांकि, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और ITC ने कुछ हद तक गिरावट को थामने में मदद की।

निफ्टी 50 अभी हाल के निचले स्तरों से उबरकर मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 24,000 के स्तर के आसपास बना हुआ है। 22 जून को कंज्यूमर शेयरों में कमजोरी के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी मज़बूती के साथ बंद हुए, और इंडिया VIX भी कम बना रहा – जो इस बात का संकेत है कि अभी कोई घबराहट नहीं फैली है।


IT सेक्टर: सबसे बड़ी रुकावट

ग्लोबल संकेतों की वजह से भारत का IT सेक्टर भारी दबाव में है। ग्लोबल IT कंपनी Accenture के कमजोर नतीजों के कारण घरेलू IT शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई। इस महीने TCS, Infosys, Wipro और Tech Mahindra – सभी का प्रदर्शन खराब रहा है। US की टेक कंपनियां भी AI से जुड़ी लागत की चिंताओं से जूझ रही हैं, ऐसे में भारतीय IT एक्सपोर्टर्स को दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है  क्लाइंट्स के खर्च में कमी और रुपया मजबूत होने की संभावना।


अच्छी खबर: फाइनेंशियल और BFSI सेक्टर

इसके उलट, फाइनेंशियल स्टॉक्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें RECLTD, बजाज फाइनेंस, PFC, एक्सिस बैंक और चोलामंडलम फाइनेंस सभी में तेजी देखी गई। बैंक निफ्टी 57,600–57,500 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बने रहने की कोशिश कर रहा है। बैंकिंग रैली में भरोसा फिर से कायम करने के लिए बुल्स को 58,000 के लेवल के ऊपर स्पष्ट बढ़त की जरूरत है।


FII और DII की गतिविधि: विदेशी निवेशक फिर से खरीदारी करने लगे

आज के सेशन के लिए एक बड़ी अच्छी बात: 22 जून को कैश सेगमेंट में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹4,859 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। यह भारतीय इक्विटी में विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटने का संकेत है — इसकी वजह शायद US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में आई कमी हो सकती है, जिसका भारत के इंपोर्ट बिल और करंट अकाउंट डेफिसिट पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,159 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की, जिससे पता चलता है कि ऊंचे स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) हुई है। इंडिया VIX में भी लगभग 1% की गिरावट आई, जो बताता है कि निकट भविष्य में बाजार को लेकर चिंता कम है।


कॉर्पोरेट एक्शन पर नज़र

इस हफ़्ते कॉर्पोरेट कैलेंडर में दो बड़ी खबरें छाई हुई हैं:
बजाज ऑटो बायबैक: बोर्ड ने ₹5,632.8 करोड़ के बड़े शेयर बायबैक को मंज़ूरी दे दी है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 24 जून – यानी कल – तय की गई है। यह मैनेजमेंट के भरोसे का एक मज़बूत संकेत है और उम्मीद है कि इससे निकट भविष्य में स्टॉक की कीमत को सहारा मिलेगा।
Jio प्लेटफ़ॉर्म्स IPO: हाल के समय की सबसे ज़्यादा चर्चित लिस्टिंग में से एक, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की कंपनी Jio प्लेटफ़ॉर्म्स ने 27 करोड़ शेयरों के नए इश्यू के ज़रिए IPO ड्राफ़्ट को मंज़ूरी दे दी है। Jio IPO एक ऐसा इवेंट साबित हो सकता है जो बाज़ार की दिशा तय करेगा और आने वाले महीनों में घरेलू और विदेशी निवेशकों का काफ़ी ध्यान अपनी ओर खींच सकता है।


टेक्निकल आउटलुक और अहम लेवल

आज के सेशन के लिए ट्रेडर्स इन पर नज़र बनाए हुए हैं:
Nifty 50 रेजिस्टेंस: 24,200 (तुरंत), 24,400 (अगला टारगेट)
Nifty 50 सपोर्ट: 24,000 (अहम साइकोलॉजिकल लेवल), 23,900–23,800 (क्रिटिकल ज़ोन)
Bank Nifty रेजिस्टेंस: 58,000, फिर 58,300–58,500
Bank Nifty सपोर्ट: 57,600–57,500
Nifty में 24,200 के ऊपर एक मज़बूत चाल से बड़ी रैली शुरू हो सकती है। हालांकि, 24,000 के नीचे जाने पर नई प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और इंडेक्स 23,800 की तरफ गिर सकता है।


आज भारतीय बाज़ार की चाल ग्लोबल IT सेक्टर के मूड, FII के लगातार निवेश और बजाज ऑटो के बायबैक की रिकॉर्ड डेट से तय होगी। बाज़ार का ओवरऑल ट्रेंड सावधानी के साथ पॉज़िटिव बना हुआ है – FII की खरीदारी लौटी है, तेल की कीमतें कम हो रही हैं और कॉर्पोरेट इंडिया का प्रदर्शन अच्छा बना हुआ है। लेकिन जब तक IT सेक्टर संभल नहीं जाता और निफ्टी 24,200 के ऊपर बना नहीं रहता, तब तक दलाल स्ट्रीट पर उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) बना रहेगा।
सेशन के दौरान लाइव अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।


डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सिर्फ़ जानकारी देने के मकसद से है और इसे फ़ाइनेंशियल या इन्वेस्टमेंट से जुड़ी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। कृपया निवेश से जुड़ा कोई भी फ़ैसला लेने से पहले SEBI-रजिस्टर्ड फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लें।

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